ज़मीने ग़ालिब
अर्ज़े नयाज़े इश्क़ के क़ाबिल नहीं रहा
जिस दिल पे नाज़ था मुझे वो दिल नहीं रहा
मेरी ग़ज़ल अफसानानिगार राजीव प्रकाश साहिर की फरमाइश पर;
जिस दिन से इक इरादा मुक़ाबिल नहीं रहा
मुझको ख़याले जादाओ मंज़िल नहीं रहा
SINCE THE DAY A MOTIVE DISAPPEARED
THOUGHT OF PATH AND GOAL HAS BEEN BLURRED
वो इश्क़ करके जितना था मुश्किल नहीं रहा
पत्थर का उसका दिल था वो अब दिल नहीं रहा
FELL IN LOVE AND REMAINED NOT DIFFICULT AS WAS EVER
MADE OF STONE WAS HEART SEEMS IT IS NOT NEVER
हम डूबते थे और था दरिया भी मौज पर
इस हाल में तसव्वुरे साहिल नहीं रहा
DROWNING WAS I AND RIVER WAS WITH WAVES IN DELIGHT
IN SUCH STATE THERE IS NO IDEA OF THE BANK EXISTS MIGHT
उसने किया था तरके मोहब्बत का फैसला
इसपर यक़ीन उसका भी कामिल नहीं रहा
IT WAS SHE WHO DECIDED TO BREAK LOVE TIES INITIALLY
BUT SHE HERSELF NEVER BELIEVED ON THAT COMPLETLY
हक़ अज़मतों के साथ नुमायां जो हो गया
उसके निशान मिट गए बातिल नहीं रहा
ULTIMATE TRUTH WITH ALL ITS GRATNESS IS APPARENT
SO SIGNS OF WRONG ARE NO MORE WITH WIND WENT
नूरे यक़ीन उसमे सरायत जो कर गया
कुछ और हो गया ये तने गिल नहीं रहा
THE SPLENDOR OF CERTAINTY SPREAD THERE IN MYSTERIOUS WAY
TRANSCENDED AND BECAME DIFFERENT THE BODY OF CLAY
बेकार सब को उसके तग़ाफ़ुल का है गिला
वो यार मेरे हाल से ग़ाफ़िल नहीं रहा
PEOPLE COMPLAIN OF HER CASUALNESS GENERALLY
BUT NEVER SHE CONNIVED TO CARE OF ANY PLIGHT OF ME
जो वहम था हवाओं में तहलील हो गया
उसके हमारे बीच वो हाएल नहीं रहा
ALL DOUBTS UNCERTAINTY MELTED INTO AIR
NOT REMAINED AS STUMBLING BLOCK IN OUR AFFAIR
मुझको शऊरे कैफे फ़ना हो गया सुहैल
फितरत पे अपनी इसलिए क़ातिल नहीं रहा
I RFALISED THE JOY OF ANNIHILATION OF SELF SUDDENLY
SO THE SWEET KILLER IS NOT FIRM ON HER NATURAL SEVERITY
--------------------------------
जादाओ मंज़िल=मंज़िल और रास्ता ,तसव्वुरे साहिल=दरिया के किनारे का ख़याल
,तरके मोहब्बत =प्रेम सम्बन्ध विच्छेद,कामिल=पूर्ण,हक़ अज़मतों के साथ
नुमायां जो हो गया=सत्य महानताओं के साथ स्पष्ट होना ,बातिल =बुराई सरायत =समाना , फैलना ,तने गिल =मिटटी की काया,तग़ाफ़ुल =बेपरवाही
,ग़ाफ़िल =लापरवाह ,वहम=शंका,तहलील =विलीन ,हाएल =रुकावट ,शऊरे कैफे
फ़ना=मिट जाने का आनंद ,फितरत =सवभावg
0 Responses

Post a Comment