हंस हंस के क़िस्सए ग़मे जानां कहा करो
जिस दिल में ग़म न हो उसे वीरां कहा करो
जिस दिल में ग़म न हो उसे वीरां कहा करो
Tell laughingly the tale of love lamentation
Heart without such grief is desolation
Heart without such grief is desolation
जारी सदा है उससे मसीहाई की चमक
उसकी नज़र को दर्द का दरमाँ कहा करो
उसकी नज़र को दर्द का दरमाँ कहा करो
Current is the shine of relief whence
Call those eyes cure of pain hence
Call those eyes cure of pain hence
तौफ़ीक़े खैर उसकी इनायत की बात है
बेशक तुम उसको रेहमते यज़दाँ कहा करो
बेशक तुम उसको रेहमते यज़दाँ कहा करो
His boon is if one is inspired to do good
God’s favor it is ,understand you should
God’s favor it is ,understand you should
दोनों हैं एक दोनों की बुनियाद एक है
माहे मुबी को मेहरे दररख्शां कहा करो
माहे मुबी को मेहरे दररख्शां कहा करो
Their base one and they are same surely
Clear moon should be called sun shiny
Clear moon should be called sun shiny
उसपर यक़ीन है तो हवादिस से क्या खतर
वो कह रहा है उसको निगहबाँ कहा करो *
वो कह रहा है उसको निगहबाँ कहा करो *
When one has faith in God he must not fear adversity
He declares Himself a protector of the entire humanity
He declares Himself a protector of the entire humanity
उस रुख पे हुस्ने हक़ की हैं ताबानियाँ तमाम
उसको तुम अपना हासिले इमां कहा करो
उसको तुम अपना हासिले इमां कहा करो
Vivid upon that face divine light
Take that as outcome of faith bright
Take that as outcome of faith bright
अब् मुब्तिलाए इश्क़ हुआ है ये दिल सुहैल
तुम अब् से इसको चाक गरीबाँ कहा करो
तुम अब् से इसको चाक गरीबाँ कहा करो
Now heart is entangled in love eventually
Identify it as torn collar now certainly
Identify it as torn collar now certainly
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दरमाँ =उपचार ,तौफ़ीक़े खैर=अच्छाई की प्रेरणा ,रेहमते यज़दाँ=ईश्वर की कृपा माहे मुबी=पूरा स्पष्ट चाँद,मेहरे दरख्शां =चमकता हुआ सूरज ,रुख =मुखमण्डल ,हुस्ने हक़=ऐश्वरीये सौंदर्य ,ताबानियाँ=जगमगाहट ,हासिले इमां=विश्वास का सार ,मुब्तिलाए इश्क़=प्रेम से ग्रस्त होना,चाक गरीबाँ=फटा हुआ गलपट्टा
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*इन्नल्लाह अला कुल्ले शयन रक़ीबा =क़ुरआन
अल्लाह हर चीज़ पर निगहबान है
दरमाँ =उपचार ,तौफ़ीक़े खैर=अच्छाई की प्रेरणा ,रेहमते यज़दाँ=ईश्वर की कृपा माहे मुबी=पूरा स्पष्ट चाँद,मेहरे दरख्शां =चमकता हुआ सूरज ,रुख =मुखमण्डल ,हुस्ने हक़=ऐश्वरीये सौंदर्य ,ताबानियाँ=जगमगाहट ,हासिले इमां=विश्वास का सार ,मुब्तिलाए इश्क़=प्रेम से ग्रस्त होना,चाक गरीबाँ=फटा हुआ गलपट्टा
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*इन्नल्लाह अला कुल्ले शयन रक़ीबा =क़ुरआन
अल्लाह हर चीज़ पर निगहबान है


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